कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में सोमवार की रात हथियारों से लैस दबंगों ने ग्रामीण के घर पर धावा बोल दिया और उसकी नाबालिग बेटी को उठाकर ले गए। विरोध पर किशोरी की छोटी बहन और पिता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को नाजुक हालत में बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने पर रात में पुलिस गांव पहुंच गई। लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ पाक्सो, अपहरण समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एहतियातन गांव में पुलिस तैनात है।
सोमवार की रात साढ़े दस बजे हथियारों से लैस दबंगों ने ग्रामीण के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने घर में घुसते ही परिवार वालों को मारना-पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद किशोरी को जबरन उठाकर ले जाने लगे। विरोध करने पर पिता और छोटी बहन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद धमकाते हुए किशोरी को अपने साथ लेकर चले गए। शोर-शराबा होने पर रात में ही लोग अपने घरों से निकल आए। लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे।
किशोरी के अपहरण की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस गांव पहुंची और घायल बहन तथा पिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां पर घायल बहन ने अपने बयान दर्ज कराए। लेकिन हालत बिगड़ने पर दोनों घायलों को बरेली के लिए रेफर कर दिया गया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने गांव में डेरा डाल दिया है। साथ ही पुलिस ने रिजवान, रिहान, नजीर, जमशेद अली शेर, फुरकान समेत छह के खिलाफ अपहरण, छेड़खानी, जानलेवा हमला, बलवा, पाक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल, आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने कई को उठाया है। प्रभारी कोतवाल तेजवीर सिंह का कहना है कि एहतियातन पुलिस को गांव में तैनात कर दिया गया लेकिन तनाव जैसी कोई बात नहीं है।