कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण ने किसानों और युवाओं को साधने की पूरी कोशिश की। बीच-बीच में किसान नारे लगाकर उत्साह बढ़ाते गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाकामियों पर केंद्रित इस संबोधन में राहुल ने कई चीज और जगहों के मुकाबले नई बोलीं, जैसे किसान पस्त और मोदी मस्त यह जुमला उन्होंने खाट पंचायत में ही एक किसान के मुंह से निकले शब्दों से बना डाला। भीड़ को देखकर राहुल गांधी आत्मविश्वास से भरे दिखे।
कांग्रेस की 27 साल यूपी बेहाल किसान यात्रा को लेकर बीस दिन पूर्व देवरिया से चले हैं और दिल्ली तक जाएंगे। किसान यात्रा का नारा है 'कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ और समर्थन मूल्यों का करो हिसाब' इसी नारे के साथ किसानों की भीड़ को साधते हुए चल रही यात्रा के बीच राहुल गांधी कहीं खाट पंचायत करके किसानों को प्रभावित कर रहे हैं तो कहीं रोड शो करके युवाओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं। रामपुर के केमरी कस्बे में बुधवार को आयोजित खाट पंचायत में राहुल गांधी जैसे ही पहुंचे उन्होंने किसानों की समस्याओं पर बोलना शुरू किया। उन्होंने पंचायत में मौजूद हजारों किसानों से सवाल करने को कहा- किसानों ने अपने सवाल करने शुरू किए तो राहुल उनका जवाब भी बड़ी बेबाकी के साथ दे रहे थे। इन जवाबों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी केंद्र सरकार पर सीधा निशाना था।
सवालों के बीच एक किसान बल्देव सिंह ने सवाल किया कि उनके बच्चों ने एमबीए कर लिया नौकरी नहीं मिली तो खेती कर रहे हैं। जबिक मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। अब मोदी विदेशों की सैर करने में मस्त हैं। राहुल ने बल्देव के सवाल को गंभीरता से लिया और तुरंत पलटवार किया किसान पस्त और मोदी मस्त हैं। कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो भाजपा को हरा सकती है. कांग्रेस सरकार बनते ही खेती और किसानी को रोजगार से जोड़ा जाएगा। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देंगेे। राहुल ने किसानों और युवाओं से जुड़े जवाब देकर उन्हें साधने की कोशिश की।