मिलक। किसान मेला रठोंडा में आजादी के अमृत महोत्सव पर हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुुत कर देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा। किसी ने वीर रस की रचना सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया तो श्रृंगार रस की प्रस्तुति पर श्रोता कवियों को दाद देते रहे। श्रोताओं के कवि सम्मेलन का भरपूर आनंद उठाया।
रठोंडा स्थित ऐतिहासिक श्रीवामेश्वर महादेव शिव मंदिर परिसर में चल रहे किसान मेले में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से कवि सम्मेलन हुआ। मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम अनामिका अंबर ने मां सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मथुरा से पधारे वीर रस के कवि गौरव चौहान ने अपनी कविताओं से लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि न मंदिर के चरणामृत से न ही जमजम के पानी से, हिंदुस्तान खड़ा है वीरों की कुर्बानी से। कवि प्रवीण कुमार ने कहा-रोज पसीने से सूरज को बुझाता हूं, लोग खाते हैं नींद की गोली, में थकन ओढ़ के सो जाता हूं। प्रख्यात मिश्रा जनता को राष्ट्रवाद का संदेश देते हुए कहा--प्राण दे दिए जिन्होंने भारती की आरती में, क्रांति धधकाने वालों को ना भूलना। बनारस से पधारे दमदार बनारसी ने कहा--मुझे उसे पाने की है ख्वाहिश जिहादियों की तरह, मोहब्बत है मेरी तूफान आंधियों की तरह। कवियत्री बलजीत कौर तन्हा ने कहा--खोल लेते दिल अगर मिल बैठकर यारों के साथ,तो हमें खोलना ना पड़ता औजारों के साथ। चिराग जैन, गजेंद्र सोलंकी, अनामिका अंबर, डॉ.चंद्र प्रकाश शर्मा, मनवीर मधुर ने भी काव्य पाठ किया। संचालन कवि महेंद्र अजनबी ने किया। कवि सम्मेलन में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्याली राम लोधी, पैक्सपेड चेयरमैन सूर्यप्रकाश पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष अभय गुप्ता, डीसीबी चेयरमैन देवकरण गंगवार, ज्वाला प्रसाद गंगवार, सोमानंद महाराज, दीक्षा गंगवार,जागेश्वर दयाल दीक्षित, भारत भूषण गुप्ता, अर्चना गंगवार, टेकचंद गंगवार, ऋषि पांडेय, आदि मौजूद रहे।