काठगोदाम हाईवे की जद में आए भोट गांव के तीन सौ मकानों पर खतरा मंडराने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। मंगलवार को ग्रामीणों ने बैठक करके आंदोलन का एलान कर दिया है। गांव वालों ने कहा कि मकान बचाने के लिए वे धरना प्रदर्शन के साथ ही जरूरत पड़ी तो नेशनल हाईवे पर जाम लगाएंगे। इसके लिए सभी लोगों से एकजुट होने और नेताओं के बहकावे में न आने का निर्णय लिया।
भोट में ग्राम प्रधान मुर्सीद हसन के घर सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। भोट गांव के बीच से काठगोदाम नेशनल हाईवे निकाले जाने से तीन सौ मकान, सौ दुकान, दो धर्मस्थल और स्कूल टूटेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में मकानों को तोड़कर गांव को तबाह कर दिया जाएगा। इससे लोग सड़कों पर आ जाएंगे। भले ही इसका मुआवजा सरकार दे रही है, लेकिन वह दोबारा मकान बनाने के लिए नाकाफी साबित होगा। ग्राम प्रधान ने कहा कि वे गांव वालों के साथ हैं।
जैसा गांव वाले कहेंगे, उसी तरह धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करके हाईवे बंद कर दिया जाएगा। पहले अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सड़क बनाने के लिए मकान नहीं टूटेंगे। लेकिन अब मकान तोड़ने की तैयारी की जा रही है, तो इसे ग्रामीण बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान जल्द ही धरना-प्रदर्शन शुरू करने और फिर जाम लगाने की रणनीति बनाई गई। लेकिन तारीख अभी तय नहीं की गई है।