मुरादाबाद-नैनीताल हाईवे पर एलपीजी से भरा इण्डेन गैस का कैप्सूल बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। जिससे मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। आनन-फानन में मौके पर पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड कर्मी और क्रेन भी पहुँच गई।
उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी स्थित बाटलिंग प्लांट से पहुंचे वैज्ञानिकों की टीम क्रेन से कैप्सूल को बाहर निकालना शुरू ही किया था कि कैप्सूल से गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में हाईवे पर तीन किलोमीटर पहले ही ट्रैफिक को रोक दिया गया और आसपास के गांवों में मुनादी कराके आग जलाने से रोकने की अपील की गई। बिजली आपूर्ति भी बंद करा दी गई है।
मंगलवार पूर्वाह्न इण्डेन गैस से भरा एक कैप्सूल गुजरात के पिपावा से उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी स्थित इण्डेन गैस बाटलिंग प्लांट जा रहा था। टांडा दढ़ियाल के बीच सरकथल के पास बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। कैप्सूल पलटते ही मार्ग पर अफ़रा तफरी मच गई। गैस रिसाव की आशंका में कई वाहन स्वामी अपने वाहन वापस कर लौट गए। वहीं कुछ राहगीरों ने हिम्मत कर गैस कैप्सूल के केबिन में फंसे चालक ध्वजपाल निवासी फरीदपुर (बरेली) व सुनील निवासी मिलक को जैसे-तैसे बाहर निकाला।
जानकारी मिलने पर टांडा थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह धामा व दढ़ियाल चौकी इंचार्ज मुमताज खान पुलिस बल के साथ पहुंच गए। घायल बाइक सवार चक स्वार निवासी इम्तियाज पुत्र मुख्तियार को गंभीर हालात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा भेजा गया। इधर, सूचना मिलने पर सुल्तानपुर पट्टी के बाटलिंग प्लांट से फायर ब्रिगेड की गाड़ी सहित चार क्रेनें पहुंच गईं।
शाम करीब चार बजे बाटलिंग प्लांट के वैज्ञानिक डॉ राजीव रंजन के नेतृत्व में पहुँची टीम कैप्सूल को निकाल रही थी कि अचानक कैप्सूल से तेजी के साथ गैस का रिसाव शुरू होने से भगदड़ मच गई। आनन फानन में हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया और मंदिर और मस्जिदों से आसपास के गांवों में मुनादी करा दी गई है कि आग न जलाएं। बिजली आपूर्ति भी बंद करा दी गई। शाम करीब सवा सात बजे केमिकल की पुट्टी से अस्थाई तौर पर वैज्ञानिकों ने रिसाव को बंद कर दिया है। जिस पर पुलिस आैर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।