जौहर ट्रस्ट की जमीन से संबंधित वाद की सुनवाई की दौरान एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट ने एक सौ रुपये के हर्जाने के साथ ट्रस्ट के प्रार्थनापत्र को स्वीकार कर लिया है। ट्रस्ट के अधिवक्ता ने कोर्ट में गुरुवार को प्रार्थनापत्र देकर कहा है कि क्षेत्राधिकार के मामले में कोर्ट के फैसले को उन्होंने राजस्व परिषद में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई के लिए पांच नवंबर की तिथि निर्धारित है। लिहाजा इस मामले में 15 दिन का वक्त दिया जाए। कोर्ट ने एक सौ रुपये के हर्जाने के साथ ट्रस्ट के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। इस मामले में अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी।
सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाले मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को सपा की सरकार में 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति कुछ शर्तों के अधीन दी गई थी। अनुमति के बाद ट्रस्ट ने लगभग 160 एकड़ जमीन की खरीद की थी। इस मामले में शिकायत की गई थी कि जिन शर्तों के अधीन 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति दी गई थी, उनका पालन नहीं किया गया है।
जिलाधिकारी ने मामले की जांच 2019 में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी को सौंपी थी। तिवारी ने जांच में आरोप को सही पाया था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम की कोर्ट में वाद दर्ज कर लिया गया था, जिसे सुनवाई के लिए एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था।
एडीएम की कोर्ट में वाद की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एडीएम कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इस वाद की सुनवाई का अधिकार एसडीएम की कोर्ट को है। 14 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान एडीएम की कोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज कर दिया था। पिछली सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के अधिवक्ता ने कहा था कि क्षेत्राधिकार के मुद्दे पर कोर्ट के फैसले को वो राजस्व परिषद में चुनौती देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने 15 दिन का वक्त मांगा था।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के अधिवक्ता ने राजस्व परिषद में अपील दाखिल करने की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद में उनकी अपील पर सुनवाई पांच नवंबर को है, लिहाजा 15 दिन का वक्त दिया जाए। इस तर्क का सरकारी वकील ने विरोध किया। कहा कि ट्रस्ट को अपनी बात रखने का अंतिम मौका दिया जा चुका है। अब और अधिक मौका नहीं दिए जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एडीएम (प्रशासन) जेपी गुप्ता की कोर्ट ने 100 रुपये के हर्जाने के साथ ट्रस्ट का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया और इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 9 नवंबर निर्धारित कर दी।
ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि क्षेत्राधिकार के मामले में कोर्ट के फैसले को राजस्व परिषद में चुनौती दी गई है, जिस पर पांच नवंबर को सुनवाई है। लिहाजा इस मामले में 15 दिन का वक्त दिया जाए। कोर्ट ने 100 रुपये के हर्जाने पर ट्रस्ट का प्रार्थनापत्र स्वीकार कर लिया है और सुनवाई की अगली तिथि नौ नवंबर निर्धारित की गई है।
-अजय तिवारी, शासकीय अधिवक्ता राजस्व