जिला पंचायत के चुनावों में गुटबाजी भाजपा को ले डूबी। लोकसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा को जिला पंचायत की 5 सीटों से ही संतोष करना पड़ रहा है। ये स्थिति तब है जब केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और सांसद डा. नैपाल सिंह ने मीटिंग कर प्रत्याशियों के नाम तय किए थे।
चुनावों के दौरान नकवी दो बार रामपुर आए। डा. नैपाल सिंह ने तो क्षेत्र में जाकर कई प्रत्याशियों का प्रचार भी किया। इसके बाद भी भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। जिला पंचायत चुनावों की घोषणा से पहले मना जा रहा था कि भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। अगला जिला पंचायत अध्यक्ष भी भाजपा अपने दम बना ले जाएगी।
भाजपा ने जिला पंचायत के 35 वार्ड में 32 पर प्रत्याशियों को समर्थन दिया था। पार्टी में चल रही गुटबाजी और संगठन के ढीले रवैये ने भाजपा का जिले में बेड़ा गर्क कर दिया। अनुशासनहीनता की हद ये रही कि पार्टी की ओर से प्रत्याशियों को समर्थन देने के बाद भी भाजपा के कई कार्यकर्ता एक दूसरे के विरोध में मैदान में उतर गए।
ऐसे कार्यकर्ताओं पर संगठन लगाम कस नहीं कस सका। पार्टी से निष्कासित करने की पूरी तैयारी कर लिए जाने के बाद भी उनके निष्कासन की घोषणा नहीं की गई। रामपुर में भाजपा नकवी और डा. नैपाल सिंह के खेमे में बंटी हुई है। हालांकि दोनों खेमों ने मिलकर प्रत्याशियों को समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन ये एका भी काम नहीं आया।
परिणाम सामने आने के बाद नकवी और नैपाल सिंह के खेमों की ओर से एक दूसरे पर चुनाव हरवा देने का आरोप लगाया जा रहा है। भाजपा में चल रही गुटबाजी को समाप्त करने के लिए अगर प्रदेश स्तर से कोशिश नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और नुकसान उठाना पड़ सकता है।