सरकारी बिजलीघर को जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल कर लेने की शिकायत की गूंज योगी के दरबार में पहुंचते ही पावर कारपोरेशन मेें हड़कंप मच गया है। बिजली महकमे के अफसरों की जुबां अब ताले लग गए हैं। वह अब कागजी घोड़े दौड़ाते हुए उच्चाधिकारियों को जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। अफसरों को अब इस बात का जवाब नहीं सूझ पा रहा है कि वह क्या जवाब लिखकर दें। लिहाजा उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास लगे बिजली के तारों को खंभे से उतारना शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई से बिजली अफसरों के होश उड़े हुए हैं। इस मुद्दे पर अफसर आन रिकार्ड कुछ जानकारी होने से इनकार भी कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की सरकार में सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां ने अपने दम पर जौहर यूनिवर्सिटी तैयार की थी,लेकिन अब सरकार बदलने के बाद उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। विरोधियों ने उनको विभिन्न मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पिछले दिनों जौहर यूनिवर्सिटी के करीब ग्रामीण इलाकों के लिए बनाए गए बिजलीघर को यूनिवर्सिटी में शामिल कर देने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में की थी। आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खां ने इस पूरे मामल की शिकायत सीएम को पत्र लिखकर की थी।
मामला योगी सरकार के पास पहुंचने के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्रालय ने इसको संज्ञान में ले लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पावर कारपोरेशन ने इस शिकायत के आधार पर स्थानीय अफसरों से इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। इस कार्रवाई से खलबली मच गई है। फिलहाल बिजली विभाग के अफसरों के होश उड़े हुए हैं। बिजली अफसरों ने आनन-फानन में जौहर यूनिवर्सिटी के बगल में बने बिजलीघर से संबंद्ध खंभों पर लगे तारों को उतारना शुरू कर दिया है। रातों रात कई खंभों से तारों को उतार लिया गया। कई खंभों से तार उतारा भी जा रहा है। अफसर अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि वह करें तो क्या करें। साथ ही शासन को क्या जवाब भेजें। इसका जवाब भी अब अफसरों को नहीं सूझ रहा है।