रामपुर। अब सामान्य डिलीवरी में हेपेटाइटिस के लक्षण मिलने पर महिला अस्पताल से रेफर करने का झंझट नहीं रहेगा। गर्भवती महिलाओं के लिए आइसोलेशन कक्ष बन गया है। इसके बनने से मरीजों को रेफर नहीं किया जाएगा। इससे पहले सामान्य डिलीवरी में भी मरीजों को रेफर किया जाता रहा है। इसके अलावा अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था नहीं है, जिस वजह से हर माह तीन से चार मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
अभी तक अस्पताल में आइसोलेशन कक्ष नहीं था, जिस वजह से सामान्य डिलीवरी में यदि हेपेटाइटिस बी या सी के लक्षण मिलते थे तो उनको रेफर कर दिया जाता था। जबकि ऑपरेशन में भी यदि हेपेटाइटिस के लक्षण मिलते हैं तो गर्भवती को हॉयर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। दरअसल, ओटी न होने से ऑपरेशन भी नहीं हो पाते हैं।
इसके अलावा सर्जन की भी कमी है, जिस वजह से यह समस्या आती हैं। अब महिला अस्पताल में आइसोलेशन लेबर कक्ष बन जाने से सामान्य डिलीवरी में हेपेटाइटिस बी या सी के लक्षण मिलने पर अब रेफर नहीं किया जाएगा। महिला अस्पताल में आइसोलेशन कक्ष बना दिया गया है। इस आइसोलेशन कक्ष से हेपेटाइटिस बी या सी से ग्रसित महिला की सामान्य डिलीवरी कराई जा सकेगी, जबकि ऑपरेशन के मामले में ओटी न होने के चलते अभी भी रेफर किया जा रहा है।