पीपली और डंडिया वन में अवैध कटान की शिकायतों पर प्रभारी मंत्री मूलचंद चौहान का पारा चढ़ गया। सामने मौजूद डीएम से अवैध कटान की जांच तुरंत कराने का निर्देश दिया तो वहीं एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की। कहा कि अवैध कटान में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उसमें लकड़ी माफिया हों अथवा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी।
दरअसल, जिला योजना समिति की बैठक के दौरान वरिष्ठ सपा नेता व अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य नसीर अहमद खां ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वन विभाग के कर्मचारी और माफिया मिलकर पीपली और डंडिया से कीमती लकड़ी का अवैध कटान करा रहे हैं।
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सूचना के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। दोनों वनों में करोड़ों रुपये की लकड़ी खुर्द-बुर्द कर डाली गई है। उनका कहना था कि पूरा जंगल साफ कर दिया गया है। यह सुनकर प्रभारी मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने डीएफओ से जानकारी ली। डीएफओ सपा नेता के आरोप का नकारने लगे। सपा नेता ने दोबारा अवैध कटान का चिट्ठा खोला तो डीएफओ खामोश हो गए।
प्रभारी मंत्री मूलचंद्र चौहान ने इसके बाद जांच का आदेश जारी कर दिया। डीएफओ को सप्ताह भर में जिलाधिकारी को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने डीएम से कहा कि अवैध कटान की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।