कोसी नदी में सुल्तानपुर पट्टी से लेकर रामपुर शहर तक अवैध खनन तेजी के साथ शुरू हो गया है। खनन धंधेबाज और पुलिस की डीलिंग की वजह से रातों रात जेसीबी चल रही है। डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों से खनन ढोया जा रहा है, लेकिन पुलिस आंख बंद करके बैठी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खनन को सख्ती के साथ रोके जाने के आदेश रामपुर में पुलिस और प्रशासन के लिए बौने साबित हो रहे हैं।
मसवासी पुलिस ने बीती रात छापामारा तो खनन धंधेबाजों की दो बाइकें मिली जिनको पुलिस उठा कर ले आई। जबकि कोसी नदी से अवैध खनन निकाल रहे भारी वाहनों को पुलिस ने साठगांठ कर छोड़ दिया।
उत्तराखंड के बार्डर सुल्तानपुर पट्टी से लेकर रामपुर शहर तक कोसी नदी में खनन धंधेबाज जमकर खुदाई करने में लगे हैं, पूरी रात खनन चल रहा है। लेकिन पुलिस की मिलीभगत से धंधेबाज ढुलाई कर रहे हैं। मसवासी पुलिस ने शनिवार रात कोसी नदी क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को ट्रैक्टर नदी से खनन निकालते मिले। पुलिस ने खनन कारोबारियों से साठगांठ कर भारी वाहनों को छोड़ दिया। पुलिस कि छापेमारी से खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
पुलिस कोसी नदी क्षेत्र से खनन कारोबारियों कि दो बाइक उठाकर पुलिस चौकी ले आई। चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मिश्रा ने छापेमारी से इंकार करते हुए बताया कि बरामद मोटर साइकिल बिना नंबर प्लेट की हैं, और पट्टीकलां के ढाबों पर खड़ी मिली थीं, जिन्हें सीज कर दिया गया है। खनन कारोबारी दिन के बजाय पुलिस से साज बाज होकर रात को अवैध खनन निकालने को अंजाम दे रहे हैं। जिससे अवैध खनन रोकने में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।