योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही नदियों में हो रहे अवैध खनन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाये जाने का फरमान जारी कर दिया था। लेकिन यह फरमान हावाई साबित हो रहा है। कोसी नदी के घाटों पर दिन रात मशीनोें से अवैध खनन का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिसके चलते कोसी नदी के बीच में बने रेलवे का एक ब्रिटिशकालीन पुल और एनएच 74 पर बने कोसी पुल को खतरा मडराने लगा है। लेकिन पुलिस प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देशों को नजर अंदाज किये बैठा हे। जिससे खनन के धंधेबाजों के हौसले बुलंद है।
प्रदेश सरकार के सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के आलाधिकारियों को नदियों में हो हरे अवैध खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाये जानेे एवं खनन के ध्ंाधेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किये थे। लेकिन कोसी नदी घाटों पर खनन के ध्ंाधेबाज अपने काम को बेखौफ होकर अंजाम दे रहे हैं। दिन रात कोसी नदी के घोसीपुरा पट्टी कला, जमना जमनी, चोहद्दा, अकबराबाद, करीमपुर आदि दर्जनों घाटों पर शाम ढलते ही जेसीबी मशीनों की गड़गड़ाहट शुरू हो जाती है। जिसके चलते खटीमा पानीपत राष्ट्रीय राज मार्ग, एनएच 74 पर बने यातायात पुल एवं रेलवे पुलिस पर खतरा मंडराने लगा है।
दोनों पुलों के नीचे खनन माफिया जेसीबी मशीनों से खुदाई कर रहे है। रेलवे तक शिकयत पहुंचती है। तो पुलिस की मदद मांगी जाती है। फिर मामला दो राज्यों में उलझ जाता है। सुल्तानपुर पट्टी, काशीपुर के बीच कोसी नदी पर ब्रिटिशकाल में निर्मित पुल एवं एनएच 74 पर यातायात पुल सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। रेलवे पुल यूपी व ऊधम सिंह नगर से जुड़ा है। राजस्व विभाग भी अलग अलग है। पुलों के 200 मीटर परिधि में खनन पूर्णता प्रतिबंध है। इसके बावजूद खनन पुल के आसपास बेरोक टोक चल रहा है। इससे रेलवे पुल को कभी भी खतरा हो सकता है।