जुमा अलविदा रमजान महीने का वह मुकद्दस दिन है जिसका मुसलमान साल भर इंतजार करते हैं। अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाकर दुआ करते हैं कि ऐ परवर दिगार तू हमारी इबादत कुबूल फरमा। अलविदा की तैयारियां मुकम्मल कर ली गईं हैं।
जुमा अलविदा की प्रशासन ने तैयारी मुकम्मल कर ली हैं। मस्जिदों के आस-पास सफबंदी की गई है। जामा मस्जिद को जाने वाले रास्ते भी खाली कराने के साथ मस्जिदों की रंगाई-पुताई का भी काम निपटा लिया है। लोगों ने नमाज के लिए नए कपड़े भी खरीदे हैं। लोग छह या सात जुलाई को मनाई जाने वाली ईद की भी तैयारी में जुट गए हैं। जुमा अलविदा ग्रामीण क्षेत्र से काफी तादाद में मुस्लिम समाज के लोग जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए शहर आते हैं। नमाजियों की तादाद ज्यादा होने के कारण मस्जिद के अंदर जगह नहीं रहती है।
इसलिए बाहर सफबंदी करनी पड़ती है। लिहाजा जामा मस्जिद के बाहर सफबंदी की गई है। लोगों ने नए कपड़े भी खरीद लिए हैं। नगर पालिका ने भी मस्जिदों के आस-पास सफाई कराई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जुमा अलविदा की नमाज अदा करने को सर्वाधिक लोग जामा मस्जिद पहुंचेंगे जबकि शहर की पांच सौ से ज्यादा मस्जिदों में भी जुमा अलविदा की नमाज अदा होगी।