रामपुर। इन सर्दियों में एक बार फिर हुनर हाट सजेगा। जिसमें स्थानीय और देश के कोने-कोने के दस्तकारों के हुनर को पहचान के साथ उनके कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले स्थानीय स्तर पर एक फूड फेस्टिवल का आयोजन भी किया जा सकता है। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से पिछले साल दिसंबर माह में 18 से 27 दिसंबर तक पनवड़िया स्थित नुमाइश मैदान में हुनर हाट का आयोजन किया गया था। कोरोना संक्रमण काल से प्रभावित दस्तकारों के कारोबार को इस हुनर हाट ने संजीवनी प्रदान की थी तो वहीं कोरोना काल में घरों में कैद रहे लोगों ने भी हुनर हाट में जाकर एक बार फिर जिंदगी को सामान्य रूप से जिया था। पिछले साल के हुनर हाट को मिले अच्छे रिस्पांस के बाद अब इस साल एक बार फिर इसके आयोजन की तैयारी है। हुनर हाट में देश के करीब दो दर्जन से अधिक राज्यों के ब्रास, लकड़ी, कपड़े, सीसे, वाद्य यंत्र व अन्य दस्तकारों के शामिल होने की संभावना है। इसमें हर राज्य की प्रसिद्ध कारीगरी के साथ ही वहां के प्रमुख व्यंजनों के स्टॉल भी लगेंगे। इसको लेकर सीडीओ ने तैयारियां शुरू करवा दी हैं।
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की रहती है अहम भूमिका
रामपुर। रामपुर में हुनर हाट आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री व राज्यसभा में उप नेता मुख्तार अब्बास नकवी की अहम भूमिका रहती है। नकवी रामपुर को कर्मभूमि मानते हैं और यहां के विकास के लिए लगातार कार्य करते रहते हैं। साथ ही नकवी के प्रयासों से ही पिछले साल पहली बार जिले में हुनर हाट का आयोजन हुआ था। इस बार भी उनके प्रयासों से ही हुनर हाट का आयोजन होगा।
स्थानीय स्तर पर हो सकता है फूड फेस्टिवल का आयोजन
रामपुर। हुनर हाट से पहले स्थानीय स्तर पर एक फूड फेस्टिवल का आयोजन भी हो सकता है। इसके लिए स्थानीय शेफ व रामपुर के पारंपरिक व्यंजनों को बनाने में माहिर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इन लोगों को और बेहतर ढंग व हाईजीन का ध्यान रखते हुए व्यंजन बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इनके व्यंजनों को रामपुर के बाहर भी डिलीवरी के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा। जिसके लिए पैकिंग से लेकर डिलीवरी तक को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
हुनर हाट 2020 एक नजर में
साल 2020 में 18 से 27 दिसंबर तक हुनर हाट का आयोजन हुआ था। जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक राज्यों के दस्तकार, शेफ आदि शामिल हुए थे।
हुनर हाट में रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया था।
दस दिन तक चले हुनर हाट में करीब 22 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
इस हुनर हाट में डेढ़ सौ से अधिक स्टॉल लगे थे।
हुनर हाट में तमिलनाडु, महाराष्ट्र्, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड आदि राज्यों के दस्तकार आए थे।
इस बार सर्दियों में एक बार फिर हुनर हाट का आयोजन हो सकता है। इसके संकेत मिलने पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी एक फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा सकता है। -गजल भारद्वाज, सीडीओ