नैनीताल हाईवे के किनारे सरकथलण गांव के पास खड्ड में पलटा गैस का कैप्सूल तीसरे दिन निकाला जा सका। पुलिस ने हाईवे पर छह घंटे ट्रैफिक रोककर कर तीन बड़ी क्रेनों की मदद से कैप्सूल को निकलवाया। इस दौरान कैप्सूल से मामूली रिसाव होता रहा जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना रहा। हाईवे पर ट्रैफिक रोके जाने पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। नैनीताल की ओर जाने वाले पर्यटक और राहगीर परेशान रहे।
मंगलवार की पूर्वाह्न इंडैन गैस से भरा एक कैप्सूल गुजरात के पिपावा से उत्तराखंड के सुल्तानपुर पट्टी स्थित इंडैन गैस बाटलिंग प्लांट जा रहा था। टांडा दढ़ियाल के बीच गांव सरकथल के पास बाइक से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गया। कैप्सूल पलटते ही मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई थी।
लगातार कैप्सूल से हो रहे रिसाव से ग्रामीणों में खतरे के चलते दहशत बनी थी। गुरुवार को तीसरे दिन पुलिस व प्लांट के वैज्ञानिकों व कर्मचारियों द्वारा क्रेनों के सहारे कैप्सूल की बॉडी अलग कर दोनों को बाहर निकाला गया। इस दौरान नैनीताल हाईवे मार्ग को पुलिस द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया। बिजली आपूर्ति भी इस दौरान बंद रही। नजदीक गांव सरकथल, मिलक सीकमपुर में किसी अनहोनी के चलते अधिकांश ग्रामीणों के घरों में चूल्हे नहीं जले। खड्ड से कैप्सूल सकुशल बाहर निकलने पर प्लांट के वैज्ञानिकों व पुलिस सहित स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की संास ली। टांडा एसओ देवेंद्र सिंह धामा ने बताया कि कैप्सूल को सकुशल बाहर निकाल कर दूसरे वाहन में रख कर प्लांट भेज दिया गया है।