लोकसभा चुनाव के दौरान 2019 में मिलक थाने में सपा नेता आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को इस मुकदमे की सुनवाई में गवाह तत्कालीन एडीओ पंचायत कोर्ट नहीं पहुंच सके। जिसके चलते सुनवाई टल गई। अब 23 मई को मामले की सुनवाई होगी।
सपा नेता आजम खां द्वारा लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दर्ज मुकदमे में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान गवाह तत्कालीन एडीओ पंचायत कोर्ट नहीं पहुंच सके। जिसके चलते सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।
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मंगलवार को इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में हुई। इस दौरान गवाह तत्कालीन एडीओ पंचायत चंद्रपाल सिंह को गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचना था, लेकिन वो कोर्ट नहीं पहुंच सके थे। जिस कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां गठबंधन के लोकसभा प्रत्याशी थे। उन पर आरोप है कि सात अप्रैल 2019 को मिलक कोतवाली क्षेत्र के नगरिया गांव में प्रचार के दौरान उनके द्वारा दो वर्गों में वैमनस्यता पैदा करने के उद्देश्य से भड़काऊ भाषण दिया। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। जिस पर मिलक विधानसभा क्षेत्र के वीडियो अवलोकन टीम प्रभारी अनिल कुुमार चौहान ने मिलक थाने में नौ अप्रैल 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मामले में सपा नेता आजम खां की जमानत कोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है और 12 नवंबर 2021 को कोर्ट ने उनके ऊपर आरोप तय कर दिए थे।