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कारतूस घोटाले में अब बृहस्पतिवार को होगी सुनवाई

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रामपुर। सूबे के चर्चित कारतूस घोटाले के मामले में बुधवार को तारीख तय थी। इस दौरान गवाह के न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले में अब अगली सुनवाई बृहस्पतिवार सात जुलाई को होगी।
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कारतूस घोटाले का यह मामला वर्ष 2010 का है। एसटीएफ लखनऊ की टीम ने 29 अप्रैल 2010 को ज्वालानगर रेलवे क्रासिंग के पास से घोटाले के सूत्रधार पीएसी से सेवानिवृत्त दारोगा यशोदा नंद को गिरफ्तार किया था। उसके साथ दो सीआरपीएफ जवान भी पकड़े गए थे। तीनों के कब्जे से 1.76 लाख रुपये और ढाई क्विंटल खोखा कारतूस बरामद हुए थे। तीनों के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच की, तो घोटाले में इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, मऊ आदि दूसरे जिलों के आर्मरर के नाम भी सामने आए। कुछ सिविलियन भी इसमें शामिल थे। पुलिस की जांच से पता चला था कि यशोदानंद इन आर्मरों से खोखा कारतूस खरीदकर नक्सलियों को बेचता था। पुलिस ने जांच के बाद 26 नामों का खुलासा किया। ये सभी गिरफ्तार हुए थे। वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं। इनमें यशोदानंद की मृत्यु हो चुकी है। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज द्वितीय के न्यायालय में चल रही है। मुकदमा गवाही पर है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि अदालत इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगी। संवाद
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