यूपी के रामपुर में यतीमखाना प्रकरण के चार मामलों में समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया, जिस पर कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 फरवरी तय की है।
साल 2019 में सपा सांसद आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें आरोप था कि सपा सांसद आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था।
इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी, बकरी चोरी जैसे आरोप भी रिपोर्ट में शामिल हैं। हालांकि इन मामलों में सांसद की जमानत मंजूर हो चुकी है। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल कोर्ट) में चल रही है। इसमें पूर्व में बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से सपा सांसद आजम खां पर लगे आरोपों को लेकर डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जिस पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई।
22 फरवरी को होगी अलगी सुनवाई
सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि चार मामलों को लेकर बचाव पक्ष के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल करने के लिए अभियोजन की ओर से वक्त मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 फरवरी तय की है।