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इबादत कर हासिल करें अल्लाह की रजा

Sat, 25 Jun 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
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रामुपर में शुक्रवार को रमजान के तीसरे जुमें पर जामा मस्जिद में नमाज अदा करते नमाजी।
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 रमजानुल मुबारक के तीसरे जुमे को भी मसजिदें नमाजियों से खचाखच भर गईं। उलमा ने दूसरे और तीसरे अशरे की फजीलत बयान की। अल्लाह की रजा हासिल करने के लिए इबादत की ताकीद की। मुल्क और कौम की सलामती की दुआ भी करार्ई। 
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रमजान का तीसरा जुमा था, इसलिए नमाजियों ने वक्त से पहले ही मसजिदों में पहुंचना शुरू कर दिया था। जामा मसजिद भी नमाज शुरू होने से पहले नमाजियों से खचाखच भर गई थी। मुकर्रर वक्त पर मस्जिदों में नमाज अदा कराई गई। उलमा  ने रोजे और नमाज की फजीलत बयान की। उलमा ने कहा कि माहे रमजान में तीन अशरे होते हैं। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नुम से आजादी का। रोजा हर बालिग, तंदरुस्त और मुकीम पर फर्ज है।

हर मुसलमान को चाहिए कि इस माह को अच्छी तरह कुरान की नसीहत के दायरे में गुजारें। उलमा ने कहा कि जैसे हफ्ते के दिनों में जुमा अफजल है ऐसे ही साल के महीनों में रमजान अफजल है। रमजानुल मुबारक को चार नामों से पुकारा जाता है। रोजा सब्र है जिसकी जजा रब है। माहे रमजान में हर दिन, हर वक्त, हर साअत और हर खड़ी इबादत की है। मस्जिदों के आस-पास सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रही तमाम बच्चों ने भी पहला रोजा रखा। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का रोजा इफ्तार भी कराया। उधर, सैफनी क्षेत्र में भी मस्जिदों में तीसरे जुमे पर नमाज अदा की गई।
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