गेहूं खरीद को लेकर अधिकारियों का अभी से पसीना छूटने लगा है। मंडी में गेहूं के रेट में तेजी आ गई है, इसलिए किसान अपना गेहूं मंडी ले जा रहे हैं। ऊपर से शासन ने खरीद का लक्ष्य भी बढ़ा दिया है। लिहाजा अभी तक किसी भी एजेंसी का खरीद में खाता भी नहीं खुला है। बीते साल इस वक्त खरीद शुरू हो गई थी। शासन ने 2016-17 की गेहूं खरीद नीति जारी कर दी है।
छले साल के मुकाबले खरीद का टारगेट बढ़ा दिया है। पिछले साल 70 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 51 हजार मीट्रिक टन गेहूूं खरीदा गया था।
अबकी बार 92 हजार मीट्र्कि टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। खरीद के लिए 111 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। बिलासपुर और स्वार में गेहूं की कटाई शुरू हो गई है।
मंडी में रेट ज्यादा होने से किसान अपना अनाज मंडियों में ले जा रहे हैं।
इसलिए अभी तक किसी भी एजेंसी ने खरीद का खाता भी नहीं खोला है। गेहूं न आने से अधिकतर केंद्रों पर कर्मचारी भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी डा. शमा जावेद फरीदी ने बताया कि इस वक्त मंडी में गेहूं 1600 से लेकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। सरकारी रेट 1525 रुपये है। इसलिए किसान केंद्रों पर गेहूं नहीं ला रहे हैं। इस बार कमीशन पर खरीद की व्यवस्था नहीं की गई है। केंद्रों पर लक्ष्य आवंटित कर बोरे भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं।