पिकअप के साथ पकड़े गए पशु चोरों को छुड़ाने के लिए एक जालसाज ने खुद को सीआईडी अफसर बताकर पुलिस को ही हड़का लिया। कुछ देर बाद वही व्यक्ति थाना पहुंच गया। पुलिस ने जब उसी मोबाइल नंबर पर काल की तो थाने में उसका मोबाइल घनघना उठा। इस पर पुलिस वालों ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने सीआईडी अफसर बताने वाले को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से जमानत पर छोड़ दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के हरइया गांव में पिकअप समेत पकड़े गए कुंदरकी क्षेत्र के दो पशु चोरों को छुड़ाने की पैरवी करना एक युवक को महंगा पड़ गया। पुलिस को सीआईडी अफसर बनकर पशु चोरों को छुड़ाने को फोन किया। जिस पर पुलिस ने मोबाइल से आई काल पर फोन किया। तब कोतवाली में खड़े हुए युवक के फोन पर घंटी बजने लगी। पुलिस को फर्जी सीआईडी अफसर बनकर काल करने वाले की पहचान करने में देर नहीं लगी। पुलिस ने संबधित युवक से पूछताछ की। तब वह यहां पर
हंगामा करने की कोशिश करने लगा। लेकिन पुलिस ने आरोपी शरीफ निवासी गांव ढोलसर मतवाली को झगड़े की आशंका में गिरफ्तार करके हवालात में डाल दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एसडीएम के यहां पर पेश किया। जहां से जमानत पर छोड़ दिया गया। बता दें पुलिस ने सीआईडी अफसर बताने की बात को फर्द में तो दर्ज किया, लेकिन संगीन धाराओं में कार्रवाई के बजाए हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके मामले को निपटाने की कोशिश की।