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रामपुर सीआरपीएफ के पूर्व डीआईजी के धेवते ने कराई मृत्यु प्रमाण पत्रों की जांच, एक प्रमाण पत्र निकाला फर्जी

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रामपुर। रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र के पूर्व डीआईजी के धेवते ने रामपुर नगर पालिका की ओर से जारी उनके नाना के मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच कराई। जांच रामपुर पालिका के नाम से जारी दो मृत्यु प्रमाण पत्रों की वजह से कराई। जिसमें एक मृत्यु प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति फर्जी पाई गई है, जबकि एक मृत्यु प्रमाण पत्र सही पाया गया है। जिसकी रिपोर्ट पालिका प्रशासन ने सीआरपीएफ प्रशासन को भी भेज दी है।
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रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप केंद्र में डीआईजी के पद पर तैनात स्वरूप सिंह चौहान की मृत्यु रामपुर में तैनाती के दौरान हुई थी। जिस पर रामपुर नगर पालिका की ओर से साल 1986 में उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया था। इस बीच उनका साल 1996 में जारी एक और मृत्यु प्रमाण पत्र परिजनों के सामने आया। जिसकी साल 2015 में जारी की गई द्वितीय प्रति थी। दो मृत्यु प्रमाण पत्र सामने आने पर स्वरूप सिंह चौहान के धेवते जो कि इस समय कोलकाता में सीआरपीएफ में आईजी के पद पर तैनात हैं उन्होंने पुराने मृत्यु प्रमाण पत्र और 2015 में जारी की गई 1996 के मृत्यु प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति को जांच के लिए रामपुर भिजवाया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. विवेकानंद गंगवार ने बताया कि कोलकाता में आईजी सीआरपीएफ ने अपने नाना स्वरूप सिंह चौहान जो कि रामपुर सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में डीआईजी के पद पर तैनात रहे थे उनके मृत्यु प्रमाण पत्र जांच के लिए भेजे थे। इनमें एक मृत्यु प्रमाण पत्र साल 1986 का था जो कि सही था और रामपुर नगर पालिका की ओर से जारी किया गया था। वहीं एक मृत्यु प्रमाण पत्र की साल 2015 में जारी की गई द्वितीय प्रति थी जो कि 1996 में जारी दर्शाया गया था। जांच में 1996 में जारी दर्शाए गए मृत्यु प्रमाण पत्र की द्वितीय प्रति फर्जी पाई गई। क्योंकि इस पर जो मुहर लगी थी वैसी मुहर रामपुर नगर पालिका में उस वर्ष में प्रयोग नहीं की जाती थी। साथ ही रिकार्ड चेक करने पर मृत्यु प्रमाण पत्र पर जो क्रमांक दर्शाया गया था, उस क्रमांक पर किसी अन्य व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ पाया गया है।
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