शाहबाद (रामपुर)। गेंहू क्रय केंद्रों पर निरीक्षण करने गए एसडीएम ने कागजों में हेराफेरी करके गेहूं बेचने आए किसान को रंगे हाथों पकड़ लिया। एक भूमि पर मानक से ज्यादा गेहूं डालने की फ़िराक में किसान के पकड़ में आने पर एसडीएम ने फटकार लगाई और मामले की जांच के निर्देश भी दिए हैं।
सोमवार को एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता मंडी में स्थापित गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद एसडीएम सभी केंद्र प्रभारियों की बैठक ले रहे थे। इस दौरान शाहबाद तहसील क्षेत्र के केसरपुर गांव के किसान ने सीधे एसडीएम से शिकायत करते हुए कहा कि केंद्र प्रभारी उसके गेहूं नहीं तौल रहे हैं। किसान की बात सुनकर एसडीएम ने किसान से उसके पंजीकरण के अभिलेख मांग लिए। अभिलेख देखकर एसडीएम को हेराफेरी का अंदेशा हुआ क्योंकि अभिलेखों में साठ बीघा कृषि भूमि में चार लोगों के नाम थे जिसमें किसान सौ क्विंटल गेहूं पहले ही क्रय केंद्र पर बेच चुका था और पचास क्विंटल गेहूं लेकर फिर से क्रय केंद्र पर आया था। एसडीएम ने बताया कि इस कृषि भूमि में चार लोग हैं तो सबके पास पंद्रह बीघा भूमि आएगी लेकिन 100 क्विंटल गेहूं पहले ही बेचा जा चुका है और 50 क्विंटल गेहूं फिर लाया गया है जबकि 15 बीघा भूमि पर इतनी उपज संभव नहीं है। वहीं उक्त भूमि में से चार किसानों में एक किसान का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है। एसडीएम ने बताया कि एक व्यक्ति मात्र पंद्रह बीघा पर 45 क्विंटल गेहूं ही बेच सकता है। एसडीएम ने जब किसान से सख्ती से पूछताछ करते हुए एफ़आईआर की बात कही, तो किसान ने सच्चाई उगल दी। इसके बाद एसडीएम ने इस पंजीकरण की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में किसान के गेहूं आखिर कैसे ले लिए गए। बाद में एसडीएम ने क्रय केंद्रों पर पहुंचकर गेहूं ख़रीद का निरीक्षण किया जबकि एक यूपीएसएस के क्रय केंद्र पर वारदाना न होने से किसानों ने अपने गेहूं को खुले में डाल दिया। बताया गया कि वारदाना रामपुर से शाम तक आएगा।