स्वार में इंदिरा आवासों के आवंटन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। अपात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए बीपीएल स्थायी पात्रता सूची ही बदल डाली। गरीबों की फैमिली आईडी पर पैसे वालों को आवास दे दिए। जांच में कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर कर्मचारियों में खलबली मची है।
चालू वित्त वर्ष में जिले में तीन हजार से ज्यादा गरीबों के इंदिरा आवास बनवाने का लक्ष्य रखा गया है। बीपीएल स्थायी पात्रता सूची के आधार पर आवास बनवाने थे। कर्मचारियों ने बीपीएल स्थायी पात्रता सूची ही बदल डाली। स्वार के टाहकलां में 77 आवासों का लक्ष्य रखा गया।
इस गांव में भी गरीबों की आईडी पर पैसे वालों के आवास बनवाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने जांच बैठा दी है। अधिकारियों की टीमें अलग-अलग जांच कर रही हैं। जांच में अब तक कई मामले पकड़ में आ चुके हैं।
अधिकारियों के मुताबिक मसलन अकबरी की बीपीएल फैमिली आईडी 53383 पर दूसरी जाति के कय्यूम की पत्नी नाजरीन को आवास आवंटित कर दिया गया। शफी अहमद की आईडी 54359 पर दो अपात्रों को आवास दे दिए गए। अनवरी अली की आईडी 53503 अनवार की पत्नी नूरजहां, नबी हुसैन की आईडी 53450 पर अहमद नबी की पत्नी हसीन जहां को आवास आवंटित कर दिया।
सईद अहमद की आईडी 53482 पर शाकिर तुर्क की पत्नी गुलशन, अहमद शाह की आईडी 53480 को फर्जी तरीके दर्शाकर रियासत की पत्नी अकील को आवास आवंटित कर दिया। इतना ही दो मृतकों की भी आईडी पर बाहरी लोगों के आवास आवंटित कर दिए। गरीबों की आईडी पर अपात्रों के आवास बनाने के अब तक 20 से ज्यादा मामले पकड़ में आ चुके हैं। जांच टीमें पिछले तीन सालों का रिकार्ड भी तलाश कर रही हैं।