रामपुर। गैंग बनाकर लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में कोर्ट ने गैंग के एक सदस्य को चार वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला वर्ष 2017 का है। शाहबाद कोतवाली में तैनात रहे दारोगा विद्याराम दिवाकर ने मुकदमा दर्ज कराया था कि गैंग लीडर ओमकार और उसके साथी गोपाल लूटपाट की वारदात अंजाम देकर आर्थिक लाभ अर्जित करते हैं। जिससे जनता में भय बना हुआ है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय निशांत देव की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य ने वादी सहित कई गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। जो भी गवाह बनाए गए हैं, वह पुलिस के हैं। लिहाजा, आरोपी को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने गोपाल को दोषी मानते हुए चार वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। दोषी को जेल भेज दिया गया।