रामपुर। शासन ने वेतन एवं पदोन्नति की मांग को लेकर हड़ताल पर गए सचिवों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक ने संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के प्रदेशाध्यक्ष जयवीर सिंह चौहान सहित चार सचिव को निलंबित कर दिया है। कार्य दिवस पर समिति न खोलने पर सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के बैनरतले सचिवों ने वेतन एवं पदोन्नति की मांगों को लेकर हड़ताल कर दी है। मंगलवार से शुरू हुई यह हड़ताल 15 नवंबर तक चलेगी। ऐसे में समिति के सचिव व कर्मचारी समितियों में ताले डालकर धरने पर बैठ गए हैं। ऐसे में समितियों पर न तो धान की खरीद हो पा रही है और न ही किसानों को फसलों की बुआई के लिए खाद मिल पा रही है, जिससे किसान परेशान हैं। लिहाजा, किसानों की समस्याओं को देखते हुए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक हरेंद्र कुमार ने प्रदेश अध्यक्ष जयवीर सिंह चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री सुशील कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य एवं जिला महामंत्री राजेंद्र कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया है। साथ ही खाद वितरण व धान खरीद के लिए अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदारी दे दी गई है। उन्होंने यह भी आदेश जारी किए हैं कि यदि कार्य दिवस में किसी भी समिति पर ताला लगा मिला, तो संबंधित समिति के सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
योगी सरकार ने हमें निलंबित कर दिवाली का गिफ्ट दिया है। हमारा आंदोलन पूरी तरह वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद शुरू हुआ। पहले दो बार नोटिस देने के बाद भी जब सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी और न ही वार्ता के लिए बुलाया, तो हड़ताल की गई। यह कदम कर्मचारियों की आवाज को दबाने वाला है। इससे सचिव झुकने वाले नहीं हैं।
-जयवीर सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति उत्तर प्रदेश।
-शासन की ओर से छह माह के लिए सहकारी समितियों की हड़ताल पर रोक लगा दी गई है। वहीं, बुआई के सीजन में सचिवों की हड़ताल से किसानों को दिक्कतें हो रहीं थीं, जिसके चलते सचिवों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा आगामी कार्यदिवस पर यदि समितियों पर कामकाज शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित समिति के सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-हरेंद्र कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता, रामपुर।