रामपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने एक निजी अस्पताल संचालक, तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। शनिवार को पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चारों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
महिला का कहना था कि वह एक निजी अस्पताल पर काम करती थी। पांच अप्रैल 2021 की शाम को अस्पताल संचालक विनोद सिंह यादव अपने दोस्त तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर सिंह के साथ अस्पताल पहुंचे थे। महिला का आरोप था कि वहां उसके साथ दोनों ने मारपीट की और दुष्कर्म किया। बाद में जबरदस्ती उससे एक कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद दो लोगों को बुलाकर हत्या करने के लिए उसे कार से ले जा रहे थे कि रास्ते में यूपी 100 की गाड़ी आ गई थी। इस पर महिला को कचहरी रोड पर छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। इस घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक और सीओ सिटी वहां पहुंचे थे।
पीड़ित महिला का आरोप था कि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई करने की बजाय घटना के साक्ष्य मिटा दिए थे। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग गायब कर दी थी। बाद में गंज पुलिस ने महिला की तहरीर पर तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर सिंह, अस्पताल संचालक विनोद सिंह यादव, मनोज और विजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। विवेचना और पूछताछ के दैरान पुलिस ने मुकदमे मेें एक नाम और शामिल कर लिया था। तब से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
शनिवार को महिला थाना प्रभारी मुरादाबाद और एसओजी मुरादाबाद ने विनोद सिंह यादव, अमन, मनोज और विजय को गिरफ्तार कर लिया है। चारों को गंज कोतवाली लाया गया। गंज कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।