पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से कोसी नदी में चौबीस घंटे में रामनगर बैराज से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से कोसी का पानी खेतो में घुस गया। जिससे किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
रविवार की सुबह उत्तराखंड के रामनगर बैराज से शनिवार की रात में 12800 और फिर रविवार की सुबह कोसी नदी में 12,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह करीब 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद से कोसी का जलस्तर बढ़ने लगा और कोसी अपने पूरे उफान पर आ गई। देखते देखते नदी किनारे के कई खेतों में कोसी का पानी घुस गया।
स्वार क्षेत्र के मधुपुरा, बंदरपुरा, घोसीपुरा, धनपुर शहादरा, अंधापुरी, खेमपुर, पसियापुरा, मुंशी गंज, मंझरा एवज सहित एक दर्जन से अधिक गांव के किसानों की कोसी के बढ़ते जलस्तर ने बैचेनी बढ़ा दी है। पसियापुरा में सड़क पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का तहसील सहित जिला मुख्यालय से संपर्क टूट सा गया है।
वहीं किसानों और ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारे के साथ ही पानी के घटने के बाद खेतों के कटान की चिंता भी सताने लगी है। तहसीलदार गोपाल कृष्ण मिश्रा ने बताया कि कोसी नदी में रामनगर बैराज से 12500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो नदी से पास हो गया है। बाढ़ जैसी स्थिति नही है।
रविवार दोपहर बाद दढ़ियाल में कोसी नदी अपने पूरे उफान पर आ गई। बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मियों के अनुसार दोपहर दो बजे दढ़ियाल में कोसी पुल से 37 हजार क्यूसेक पानी पास हो रहा था। हालांकि उन्होंने अभी बाढ़ के खतरे से इंकार किया है। लेकिन कोसी का पानी कई स्थानों पर बांध से टकराने लगा है जिससे लोगों में आशंका बढ़ रही है। लोगों को चिंता है कि यदि अगले कुछ समय में कोसी में बैराज से और पानी छोड़ा जाता है तो बाढ़ का खतरा बाढ़ सकता है।