स्वार (रामपुर)। एक महिला बीयूएमएस चिकित्सक ने धर्मांतरण कर शादी करने और फिर छोड़ देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने एसपी से मामले में गुहार लगाई थी, जिसके बाद एसपी के आदेश पर स्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हल्द्वानी निवासी एक बीयूएमएस महिला चिकित्सक ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें आरोप था कि लगभग चार वर्ष पहले वह स्वार सीएचसी में इंटर्नशिप करने आई थी। तब यहां उसकी मुलाकात डा. शहजान निवासी सिरौली कला किच्छा जिला ऊधम सिंह नगर से हुई। बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों अलग संप्रदाय के होने के बावजूद शादी को तैयार हो गए। आरोप है कि 2017 में डॉ. शहजान ने उसका धर्मांतरण कराकर शादी कर ली थी, और नगर के मोहल्ला चक स्वार में रहने लगे थे।
महिला का आरोप है कि पहले मुस्लिम रीति रिवाज से शादी की बात कही उसके बाद हिंदू रीति रिवाज से करना तय हुआ। इस तरह उससे धोखाधड़ी कर शादी कर ली गई। छह माह बीतने के बाद पति और उसके घर वालों ने दहेज में पांच लाख रुपये की मांग रख दी। आरोप है कि मांग पूरी न करने पर उसे मारापीटा और घर से निकाल दिया तथा पति ने दूसरी शादी कर ली। हालांकि पति-पत्नी के बीच सुलह का प्रयास भी किया गया लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके चलते पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4 और आईपीसी की धारा 323 (मारपीट करने), 420 (धोखाधड़ी करने) और 506 ( जान से मारने की धमकी देने) के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपियों में डॉ. शहजान, हसीना बानो, हबीब अहमद, जीशान, फैजान, डॉ. फरमान, शमा और सोनी शामिल हैं।