रामपुर। जिले में इस वर्ष गन्ने की खेती का रकबा तेजी से घटा है। गन्ना विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब ढाई हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल कम मिला है। वर्ष 2025 में जिले में करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हुई थी। इस वर्ष यह घटकर करीब 27.5 हजार हेक्टेयर रह गया है।
सीओ-0238 जैसी गन्ना किस्म के रोगग्रस्त हो जाने के बाद अब नई किस्में किसानों तक पहुंचाई जा रही हैं लेकिन यह नई किस्में फिलहाल किसानों को मन नहीं जीत पा रही हैं, दूसरी ओर गन्ना विभाग के सर्वे में रकबा घटने की प्रमुख वजह किसानों का पॉपुलर की ओर बढ़ता रुझान भी माना गया है। पॉपुलर कम खर्च में तैयार हो जाती है और किसानों को इससे बेहतर आमदनी की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि कई किसानों ने गन्ने के बजाय पॉपुलर लगाने को प्राथमिकता दी है। गन्ने की खेती में किसानों को फसल तैयार होने में लंबा समय लगता है। इसके अलावा लागत, सिंचाई और मजदूरी का खर्च भी किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में कुछ किसान दूसरी फसलों का रुख कर रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार सर्वे के बाद गन्ने के क्षेत्रफल में कमी की स्थिति स्पष्ट हुई है। विभाग किसानों को गन्ने की उन्नत प्रजातियों और बेहतर उत्पादन के लिए जागरूक कर रहा है, ताकि आने वाले समय में गन्ने का रकबा दोबारा बढ़ाया जा सके।
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इस वर्ष गन्ने के रकबे में कमी आई है। विभागीय सर्वे में इस वर्ष करीब 2.5 हेक्टेयर गन्ना खेती में कमी आई है। किसानों का पॉपुलर की ओर रुझान बढ़ना रकबा घटने की प्रमुख वजह है। विभाग किसानों को गन्ने की खेती के प्रति जागरूक कर रहा है।
- वेद प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, रामपुर।