फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बेटे का शव देखते ही हर आंख से छलक उठे आंसू

Wed, 08 Jun 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
विज्ञापन
रामपुर स्थित अपने आवास पर दुर्घटना में अपनी पत्नी और पुत्र को खोने पर बिलखते हुए अक्षत अग्रवाल। वहीं ढांढस बंधाते परिजन।
विज्ञापन
मंगलवार की शाम रामपुर की एकता कालोनी स्थित आवास पर धर्मेंद्र अग्रवाल सर्राफ की बहू पल्लवी और 3 साल के पोते अभि का शव पहुंचा तो हर आंख छलछला उठी। पति, बहन और मां की चीखें निकल पड़ी।
विज्ञापन


परिजनों की चीख-पुकार से हर दिल द्रवित हो उठा। जिसने भी सोमवार शाम तक मां-बेटे के मुस्कुराते चेहरों को देखा था वह मंगलवार की शाम उनके शव को अपनी आंखों देखने के बाद भी उनके इस दुनिया में न रहने पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। हर जुबां पर दर्द था... हर आंख नम थी... हर कोई उस मनहूस घड़ी को कोस रहा था। 
शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र अग्रवाल का परिवार सदमे में है। उनके घर पर कोहराम मचा है। जिसे भी दुर्घटना की खबर लगी वह एकता कालोनी स्थित उनके आवास पर पहुंच गया। नाते-रिश्तेदार सुबह ही जानकारी पाकर मौके पर रवाना हो गए थे। वह भी शाम में मां-बेटे के शव के साथ लौटे।  देर शाम दोनों के शव घर आ गए थे।
विज्ञापन


भाजपा, व्यापारी और सर्राफा कमेटी के पदाधिकारियों सहित तमाम व्यापारी धर्मेंद्र अग्रवाल के घर पहुंच गए थे। कोई बुजुर्ग सर्राफा कारोबारी को तो कोई उनके बेटे को ढांढस बंधा रहा था। बहू व पोते की मौत से अक्षित अग्रवाल की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मृत पल्लवी की छोटी बहन व बूढ़ी  मां भी  रोते-रोते गश खाकर गिर जाती।  देर शाम स्वर्ग धाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।  इस मौके पर भाजपा नेता राजीव मंगालिक,  शैलेंद्र शर्मा अवधेश  शर्मा, वीर खालसा सेवा समिति के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें