रामपुर। सिंचाई विभाग का बुलडोजर नहरों पर हुए अवैध कब्जों पर चलना शुरू हो गया है। अतिक्रमण की जद में आए मकान, दुकान, स्लैब आदि सभी ध्वस्त कर दिए गए। करीब एक किलोमीटर नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस दौरान बड़ी तादात में पुलिस फोर्स तैनात रही। किसी ने विरोध करने की कोशिश भी की, तो पुलिस कर्मियों ने उसे हटा दिया।
रामपुर का सिंचाई सिस्टम बेहतर है, लेकिन समय गुजरने के साथ ही लोगों ने विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे कर लिए। यहां तक कि सिंचाई विभाग की नहरों को भी नहीं छोड़ा। किसी नहरों के ऊपर स्लैब डाल लिए, तो किसी ने अस्थाई दुकानें बना लीं। अवैध कब्जों का यह सिलसिला बढ़ता जा रहा था। लिहाजा, सिंचाई बंधु की बैठक में भी लगातार किसान और अधिकारी इस बात को उठाते रहे। ऐसे में बुधवार को सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सियाराम टीम बनाकर अवैध कब्जों को हटाने के लिए पहुंच गए। उप जिलाधिकारी टांडा निधि डोडवाल, तहसीलदार टांडा अविनाश कुमार प्रथम मय कर्मचारियों और पुलिस फोर्स के आ गए। राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। इसके बाद अफसरों लांबाखेड़ा रजबाहे से मंडवा हसनपुर और शहपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटवाया। पूरे दिन सिंचाई विभाग का बुलडोजर गरजता रहा। एक किलोमीटर नहर से अतिक्रमण हटवाया गया। दुकान, मकान, शेड आदि जो भी अतिक्रमण की जद में आया, सब हटा दिया गया। इस बीच कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स के सामने उनकी एक न चली।