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Elections 2024: रामपुर में 47 साल बाद फिर छह प्रत्याशी, 1996 में सर्वाधिक 50 उम्मीदवारों में हुई थी चुनावी जंग

Mon, 01 Apr 2024 01:09 PM IST
विमल शर्मा मोहित सक्सेना, रामपुर

सार

नवाबों के शहर रामपुर में इस बार छह प्रत्याशियों के बीच टक्कर होगी। इससे पहले 1977 में इतने से प्रत्याशी मैदान में थे। इस बार सियासी समीकरण बदल गया है। अब देखना है कि जीत किसको मिलती है। 
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ईवीएम मशीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामपुर की सियासी पिच पर 47 साल बाद एक बार फिर छह खिलाड़ी चुनावी मैदान में उतरे हैं। इससे पहले 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में भी इतने ही प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। उस साल भारतीय लोकदल के राजेंद्र शर्मा को जीत मिली थी। अब देखना यह होगा कि 47 साल बाद जीत की चाबी किसके हाथ लगती है।

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रामपुर नवाबों का शहर रहा है। नवाबों ने यहां करीब सवा 200 साल तक अपना शासन किया। इसके बाद देश आजाद हुआ तो रामपुर रियासत का विलय स्वतंत्र भारत में हुआ। स्वतंत्र भारत में रामपुर रियासत के विलय होने के बाद पहली बार 1952 में रामपुर की आवाम ने लोकसभा चुनाव के लिए वोट डाले।

शुरुआती दौर में तो प्रत्याशियों की संख्या महज दो-तीन ही हुआ करती थी, लेकिन इसके बाद यह संख्या लगातार बढ़ने लगी। एक दौर ऐसा भी आया जब प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 50 तक पहुंच गई थी। 50 प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने की यह बात 90 के दशक यानि 1996 में हुए चुनाव की है।

पहली बार इतनी बड़ी संख्या में प्रत्याशी उतरे जिससे वोटर भी असमंजस की स्थिति में आ गए थे। मौजूदा वक्त में जो चुनाव हो रहे हैं उसमें प्रत्याशियों की संख्या महज छह है,जबकि इससे पहले इतनी संख्या 1977 के चुनाव में ही थी। यानि 47 साल बाद एक बार फिर प्रत्याशियों की संख्या छह पर ही पहुंच पाई है।

आपातकाल लगने के बाद पहली दफा 1977 में चुनाव हुआ,जिसमें प्रत्याशियों की संख्या महज छह ही थी। इस दफा भी प्रत्याशियों की संख्या छह ही है। 1977 के चुनाव में देश भर में बदलाव की बयार चली और रामपुर से गैर कांग्रेसी प्रत्याशी ने जीत हासिल की। उस वक्त भारतीय लोक दल के उम्मीदवार राजेंद्र शर्मा ने कांग्रेस के प्रत्याशी नवाब जुल्फिकार अली खां को पराजित कर दिया था।

प्रत्याशियों की संख्या को लेकर जानकार बताते हैं कि 90 के दशक के बाद इतनी संख्या पहली बार कम रही है। प्रत्याशियों की कम संख्या होने के क्या परिणाम होंगे यह  तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल चुनावी मैदान में 47 साल बाद छह खिलाड़ी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। देखना यह होगा कि इसमें किसके सिर पर ताज सजेगा और किसको जनता नकारेगी।
 

17 आम चुनावों में उतरे 219 उम्मीदवार
पिछले 17 आम चुनाव में रामपुर की सियासी रणभूमि में 219 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत अजमाई है। सबसे ज्यादा 1996 के चुनाव में 50 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत अजमाई थी। 17 दफा हुए चुनाव में दूसरी दफा छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 1977 में इतनी ही संख्या में प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।

 
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किस चुनाव में कितने प्रत्याशी
1952    2
1957    2
1962    7
1971    7
1977    6
1980    9
1984    11
1989    16
1991    24
1996    50
1998    12
1999    17
2004    19
2009    16
2014    12
2019    11
2024    6

1977 में ये रहे थे प्रत्याशी
प्रत्याशी                         दल
राजेंद्र कुमार शर्मा           भारतीय लोक दल
जुल्फिकार अली खां         कांग्रेस
रफी उल्ला खां                निर्दलीय
इंद्रजीत कौर                   निर्दलीय
बदर अब्बास                   निर्दलीय
महेंद्र कुमार                     निर्दलीय

2024 में ये मैदान में
प्रत्याशी                       दल
घनश्याम सिंह लोधी       भाजपा
मोहिब्बुल्लाह नदवी       सपा
जीशान खां                   बसपा
महमूद प्राचा                निर्दलीय
शिव प्रसाद                  निर्दलीय
अरशद वारसी             माइनोरिटीज डेमोक्रेटिक पार्टी

 
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