सर्द हवाओं और कोहरे के चलते बुधवार को भी सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित रहा। इससे लोगों को आवागमन में जहां दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साथ ही तापमान का पारा लुढ़कने से लोग सुबह देर से घर से निकले और शाम को जल्दी घर लौट आए।
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से सटे जिले के नगरों और उपनगरों में ठंड का प्रकोप अधिक रहा। सर्द सुबह के साथ न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे और सर्द हवाओं के चलते कड़ाके की ठंड तेजी पकड़ती जा रही है। बुधवार को सुबह से ही कोहरे की चादर बिछी रही। सर्द हवाएं चलने से गलन अधिक थी।
कोहरे के बीच स्कूल के बच्चों की बसें और वैन आईं। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल गए। कोहरे के कारण हाईवे पर वाहन भी रेंग-रेंगकर चले। सुबह करीब दस बजे के बाद कोहरा कम होना शुरू हुआ। 12 बजे धूप चिलकने लगी। सर्दी के कारण धूप में कोई गरमाहट महसूस नहीं हुई।
अस्थाई रैन बसेरा भी नहीं बनाया ः रामपुर। शहर में कोई रैन बसेरा नहीं हैं, ऐसे में नगर पालिका या जिला प्रशासन ने कोई अस्थाई रैन बसेरा भी बनाने की भी कोई पहल नहीं की है। कम से कम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के पास टैंट लगाकर अस्थाई रैन बसेरा बना दिया जाए, तो मुसाफिरों को कड़ाके की सर्दी से बचने का मौका मिलेगा।