परीक्षा दे रही दूसरी छात्रा ने की थी आपत्ति
जिला विद्यालय निरीक्षक मुनेश कुमार ने बताया कि छात्रा को जो प्रवेश पत्र दिया गया था। उसमें फोटो तो उसका लगा था लेकिन, अन्य विवरण गलत था। प्रवेश पत्र में छात्रा के माता और पिता का नाम गलत था। जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार छात्रा ने उन्हें बताया कि जब उसने प्रधानाचार्य से इस संबंध में शिकायत करते हुए आपत्ति जताई थी तो प्रधानाचार्य ने छात्रा को माता-पिता का नाम बाद में सही करवाने का आश्वासन दे दिया था।
केंद्र व्यवस्थापक भी बदल दिए गए थे
परीक्षा केंद्र अब्दुल वहीद इंटर कालेज वित्त विहीन स्कूल है। बोर्ड परीक्षा की शुरुआत में इस विद्यालय के प्रधानाचार्य को ही केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था। लेकिन, पहले ही शासन के निर्देश पर जिले भर के 39 वित्तविहीन कालेजों के केंद्र व्यवस्थापक बने प्रधानानाचार्यों को हटा दिया गया था। इनकी जगह पर राजकीय और अशासकीय मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था। इस परीक्षा केंद्र पर प्रधानाचार्य की जगह महेश्वर सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने में शायद शासन के निर्देश पर केंद्र व्यवस्थापक बदले जाने की प्रक्रिया भी अहम रही।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह कहा
डीआईओएस मुनेश कुमार का कहना है कि लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम पर सैफनी क्षेत्र के वित्तविहीन विद्यालय अब्दुल वहीद इंटर कालेज में कुंदरकी क्षेत्र की एक छात्रा को उसी के नाम की दूसरी छात्रा के पंजीकरण के आधार पर फर्जी प्रवेश पत्र बनवाकर यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा दिलवाने की शिकायत की गई थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। मामले में अब्दुल वहीद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य और कुंदरकी क्षेत्र के जेआर स्कूल के एक शिक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामले में केंद्र व्यवस्थापक की ओर से सैफनी थाने में तहरीर दी गई है। अब्दुल वहीद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य और कुंदरकी क्षेत्र के स्कूल के शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।