वहीं, आरोग्य मंदिर के भवन में अव्यवस्थाएं फैली थी। भवन के दूसरे कमरे में दवाइयां बिखरी पड़ी थीं, इन्हीं के बीच कबाड़ रखा है। बिलासपुर गेट क्षेत्र की आबादी करीब 15 हजार के आसपास है। लोगों को बेहतर इलाज मिल सके इसके लिए यहां आरोग्य मंदिर खोला गया। लेकिन, यहां के आरोग्य मंदिर पर सोमवार दोपहर एक भी मरीज नहीं दिखा। डॉ. विनय कुमार भी गैर हाजिर थे। स्टाफ नर्स भी नहीं दिखी। फार्मासिस्ट निजाम अली आरोग्य मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
चिकित्सक के बारे में जानकारी करने पर फार्मासिस्ट ने बताया कि डॉक्टर किसी ट्रेनिंग में गए हैं और स्टाफ नर्स भी उनके साथ में हैं। वहीं, आरोग्य मंदिर में मौजूद एक कमरे में दवाइयां बिखरी पड़ी थीं। अन्य सामान के साथ कबाड़ भी कमरे में बिखरा पड़ा था। पास में ही मरीजों के लिए डाले गए बेड पर चादर तक नहीं थी। ड्रिप लगाने के लिए स्टैंड भी नहीं था। आरोग्य मंदिर के बाहर हैंडपंप लगा है, जो कई वर्ष से खराब है। वॉश बेसिन पर मिट्टी जमी है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जांच किट मौजूद हैं। उसका प्रयोग नहीं हो रहा है। बीपी और शुगर की मशीन कमरे में रखी थी।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने की कोशिश की जा रही है, यदि कोई चिकित्सक नहीं आ रहे हैं तो उनकी उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच की जाएगी।
-सत्यमूर्ति तोमर, नोडल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर