कोतवाली के समीप ही ईद का मेला चल रहा है। कुछ दूरी पर ही मोहल्ला घेर नज्जू खां है। इस रास्ते से भी लोगों की खूब आवाजाही थी। दुकानें खुली थी। हर तरफ अच्छा माहौल था कि अचानक पुलिस पर हमले और पथराव से भगदड़ मच गई।
घरों के दरवाजे बंद हो गए। दुकानों के शटर गिर गए। मेले में आ-जा रही महिलाएं और युवकों पर भी पत्थर पड़े और वह घायल हुए। दहशत में घायल होने के बावजूद वह तेजी से वहां से बचते हुए निकल भागे।
घेर नज्जू खां दो- तीन गलियों वाला मोहल्ला है। यहां पर रहने वाले पशु तस्करों पर कई मामले दर्ज हैं। इन पर वारंट जारी है। इन्हीं को पकड़ने के लिए कोतवाली पुलिस के दो दरोगा और दो-तीन सिपाही पहुंचे थे। गली के रास्ते में माहौल सामान्य था। दुकानें खुली थी। कहीं कोई खड़े हुए बाते कर रहा था तो कोई खरीदारी कर रहा था। पुलिस पहुंची तो लोगों की नजर उधर पड़ी। फिर भी सामान्य स्थित में लोग पुलिस पहुंचने का कारण समझने की कोशिश ही कर रहे थे कि अचानक पथराव से भगदड़ मच गई। जिन राहगीरों के पत्थर लगे वह भी चीखते-चिल्लाते हुए जान बचाकर भागे। पुलिस वाले खुद अपनी जान बचाते हुए भाग रहे थे।