रामपुर। रजा लाइब्रेरी में बहुभाषिक अनुसंधान केंद्र बनाया जाएगा। इसको लेकर मंगलवार को हिंदी सलाहकार समिति की बैठक हुई, जिसमें इस मुद्दे पर विचार व्यक्त किए गए।
लाइब्रेरी में हुई बैठक में निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि लाइब्रेरी एक ऐतिहासिक संस्थान नहीं, बल्कि भारत की बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रतीक है। आज की यह बैठक हमारे उस दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करती है, जिसके अंतर्गत हम पुस्तकालय को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध एवं ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भाषा प्रयोगशाला के माध्यम से परंपरागत ज्ञान को नवीन तकनीकी संसाधनों से जोड़ते हुए शोधार्थियों, विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए एक सशक्त एवं अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा। समिति का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रोत्साहन, बहुभाषिक विकास, भाषा-नीति निर्धारण में सहयोग तथा संस्थान में भाषा-संबंधी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
बैठक में पुस्तकालय में एक बहुभाषिक अनुसंधान संस्थान स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। पुस्तकालय में उपलब्ध 21 से अधिक भाषाओं की पांडुलिपियों एवं दुर्लभ पुस्तकों के अनुवाद हेतु एक सुदृढ़ अनुवाद केंद्र की स्थापना पर विचार कर अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में प्रो. मधु चतुर्वेदी, प्रो. आनंद कुमार सिंह, प्रो. शैलेंद्र नाथ मिश्रा, प्रो. प्रकाश चंद्र गिरी, डॉ. विवेकानंद उपाध्याय सम्मिलित रहे।