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धनुपुरा में गुलदार ने रोका किसानों का रास्ता

Tue, 02 Feb 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बिलासपुर
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क्षेत्र में पांच दिन से गुलदार का दहशत कायम है। किसान अपने खेतों पर नहीं जा रहे हैं, वहीं गांव की गलियां और स्कूल तक में सन्नटा पसरा हुआ है। वहीं, वन विभाग उसे पकड़ने के लिए कोई भी ठोस इंतजाम तक नहीं कर रहा है। मंगलवार की दोपहर में बाइक सवार दो लोगों और गुलदार का सामना हो गया।
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चकरोड पर खड़े गुलदार को देखकर बाइक सवार घबरा गए और शोर मचाने लगे। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे खेतों में दौड़ा दिया। उधर, वन विभाग के कर्मचारियों ने पुलिस बल के साथ रात में गांव पहुंचकर गुलदार को पकड़ने की औपचारिकता निभाई। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है।


धनुपुरा निवासी भूरा और सईद अहमद मंगलवार को अपराह्न ढाई बजे बाइक से घर से खेत पर जा रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि वह चकरोड से होकर खेत पर जा रहे थे। इसी बीच खेत से निकलकर उनके सामने एक गुलदार आ गया। उसे देख दोनों घबरा गए और शोर मचाने लगे।
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साथ ही भाग कर गांव के जंगल में पहुंचे, जहां पाप्लर के पेड़ काट रहे लोगों को घटना बताई। सूचना मिलते ही गांव के लोग लाठी, डंडे और धारदार हथियारों के साथ एकत्र हो गए। इसके बाद उन्होंने गुलदार की खोज शुरू कर दी। ग्रामीणों ने मामले की सूचना तत्काल भोट पुलिस और डीएफओ को फोन पर दी।


ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने करीब एक घंटे तक गुलदार को अपनी जान जोखिम डालकर खोजा, मगर वह नहीं मिल सका था। आरोप था कि इस दौरान कोई भी पुलिस और वन विभाग का कर्मचारी शाम छह बजे तक नहीं पहुंचा। रामपुर रेंजर टीसी पंत और भोट थाना प्रभारी मुकुंद मिश्रा गांव पहुंचे और ग्रामीणों को सचेत रहने की हिदायत दी।


गुलदार की सूचना पर मौके पर पहुंच अधिकारियों को ग्रामीणों ने खरी खोटी सुनाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि पांच दिन से उनकी और उनके बच्चों की जान खतरे में है। वह डर के कारण खेतों पर भी नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों के आक्रोशित होने पर अधिकारियों ने रात में ही जंगल में ग्रामीणों के साथ कांबिंग भी की।


गुलदार के हमले से तीन ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं। भोट के किसान ने भी गुलदार को कार से घर लौटते वक्त देखा था। इससे गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा देखा गया। स्कूल के मैदान, जहां बच्चे पूरे दिन बच्चे खेलते थे, सभी मैदान व गलियां सूनी रहीं।
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