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रामपुर में पांचों विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायकों पर जताया जनता ने भरोसा

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रामपुर की मंडी समिति में मतगणना करते कार्मिक। संवाद - फोटो : RAMPUR
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जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर वर्ष 2017 का ही परिणाम दोहराया गया है। इस बार 2022 में भी सपा को तीन और भाजपा को दो सीटों पर सफलता मिली है। घोषित हुए परिणाम में सपा के रामपुर से आजम खां, स्वार से उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और चमरौआ सीट से नसीर खां ने ही जीत दर्ज की है। जबकि भाजपा के बिलासपुर से राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख और मिलक सुरक्षित सीट से राजबाला ही निर्वाचित हुई हैं।
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रामपुर में विधानसभा चुनाव परिणाम एक प्रकार से 2017 रिटर्न साबित हुए हैं। रामपुर शहर विधानसभा सीट पर साल 2017 में सपा से आजम खां ने जीत दर्ज की थी और इस बार भी शहर विधानसभा से आजम खां ही जीते हैं। हालांकि साल 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के बाद शहर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था और उपचुनाव में उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने जीत दर्ज की थी। स्वार विधानसभा सीट पर आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने साल 2017 में जीत दर्ज की थी लेकिन, उनकी उम्र का पेंच फंसने के बाद उनका निर्वाचन शून्य हो गया था। इसके बाद इस बार भी स्वार सीट से सपा के टिकट पर अब्दुल्ला आजम ने ही जीत दर्ज की है। बिलासपुर विधानसभा सीट से साल 2017 में भाजपा के टिकट पर बलदेव सिंह औलख ने जीत दर्ज की थी और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री बने। इस बार भी इस सीट से बलदेव सिंह औलख ने ही जीत दर्ज की है। हालांकि इस बार उनका जीत के मतों का अंतर पिछले चुनावों की तुलना में कम हो गया है। मिलक सुरक्षित विधानसभा सीट पर साल 2017 में भाजपा की राजबाला ने जीत दर्ज की थी और इस बार भी उन्होंने ही भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। चमरौआ विधानसभा सीट पर सपा के नसीर अहमद खां ने साल 2017 के बाद इस बार भी जीत दर्ज कर ली है। यानि रामपुर में न तो सपा आगे बढ़ सकी और न ही भाजपा कम हुई। रामपुर में विधायकों के चेहरों से लेकर पार्टी की स्थिति तक सब कुछ पिछले चुनाव परिणाम ही दोहराया गया है।
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