रामपुर। सनातन धर्म पर टिप्पणी करने के मामले में तमिलनाडु के डीएमके के नेता उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक खरगे के खिलाफ दर्ज मुकदमे अब तक की गई विवेचना की रिपोर्ट अदालत ने तलब की है। अदालत अब इस मामले की सुनवाई 29 जुलाई को करेगी।
यह मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र की एकता विहार कॉलोनी निवासी अधिवक्ता राम सिंह लोधी और आवास विकास कॉलोनी निवासी अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने सितंबर 2023 में एसपी को एक प्रार्थना पत्र दिया था,जिसमें आरोप लगाया गया था कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र और कर्नाटक सरकार में ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री प्रियंक खरगे ने सनातन धर्म पर टिप्पणी की थी। जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इससे समाज में दो वर्गों के बीच वैमनस्यता उत्पन्न हो गई है। अधिवक्ता की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने एसपी के आदेश पर पांच सितंबर 23 को पुलिस ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे के खिलाफ कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 295ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सोमवार को अधिवक्ता राम सिंह लोधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने एक साल बीतने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। थाने से प्रगति रिपोर्ट तलब की जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सिविल लाइंस पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। इस मामले की सुनवाई 29 जुलाई को होगी।