कब्रिस्तान परिसर में रातों-रात हुए निर्माण के विरोध को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए हैं। निर्माण के विरोध में आए लोगों ने एसडीएम के नाम संबोधित ज्ञापन दिया है। विवादित निर्माण का मामला तूल पकड़ने पर प्रशासन हरकत में आ गया है। यहां पर एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के खाता चिंतामन गांव में कब्रिस्तान परिसर में रातों-रात हुए निर्माण की मंगलवार की रात दूसरे समुदाय के लोगों को अचानक भनक लग गई। गांव के बाहरी छोर पर होने वाले निर्माण को लेकर विरोध करने वाले पहले तो अंजान रहे। लेकिन जैसे ही भनक लगी तो रात में ही निर्माण के विरोध में आ गए। इन लोगों ने बैठक की और सुबह होते ही नए निर्माण को लेकर खुलकर विरोध में उतर आए। जिसको लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस को सूचना मिली। हरकत में आई पुलिस के पहुंचने पर दोनों समुदाय के लोग यहां पर जमा हो गए। लोगों का कहना था कि कब्रिस्तान परिसर में रातों-रात जनरेटर चलाकर धार्मिक स्थल निर्माण की कवायद की कोशिश की जा रही थी। जबकि कब्रिस्तान की चारदीवारी पहले से हो चुकी है।
पुलिस ने यहां पर पहुंचकर वीडियोग्राफी कराई। विवादित निर्माण भी तुरंत रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि विवादित निर्माण को ढहाया जाए। इससे पुलिस ने असमर्थता जता दी। जिस पर तमाम ग्रामीण तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा कि वह आरोपी लोग अवैध रुप से धार्मिक स्थल का निर्माण कर रहे हैं। विवादित निर्माण स्थल राजस्व विभाग में कब्रिस्तान की भूमि दर्ज है। उन्होने निर्माण रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कब्रिस्तान परिसर में हुए निर्माण की सूचना पर तहसीलदार अशोक कुमार सिंह, नायब तहसीलदार हामिद हुसैन, कोतवाल आर.बी. कौल पहुंचे गए और तहकीकात करके लौट आए। प्रशासन ने यहां पर एहतियातन पुलिस तैंनात कर दी है। पुलिस ने यहां से दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसडीएम पर दिए गए ज्ञापन पर श्यामलाल, हेतराम, भोले, छेदालाल, महेंद्र पाल, लालाराम, राजबहादुर, देवकीनंदन, प्रेमपाल, छेटोलाल, मुकेश चंद, शंकर लाल, हीरालाल आदि के हस्ताक्षर हैं।