बीटीसी 2011 के प्रशिक्षुओं ने खुद को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसका ठीकरा डायट के प्राचार्य पर फोड़ा है। उनका कहना है कि डायट प्राचार्य की गलती से ही वे लोग भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। उन्होंने मामले को लेकर डायट प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की।
बीटीसी 2011 बैच के प्रशिक्षु बुधवार को डायट में एकत्र हुए,जहां बीटीसी प्रशिक्षुओं ने डायट की प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बीएसए को ज्ञापन दिया। इस दौरान उन्होंने 2011 के चतुर्थ समेस्टर के प्रयोगात्मक परीक्षा में पूरे बैच को तीसरी श्रेणी दे दी गई। इसकी वजह से सभी लोग भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
प्रयोगात्मक परीक्षा में तीसरी श्रेणी देने पूरा दायित्व डायट का है, जबकि पूरे बैच के सैद्धांतिक परीक्षा में सभी के 75 से 90 फीसदी अंक है। कहा कि यह पहला मौका है, जब किसी को तृतीय श्रेणी दी है। अब उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया और 2012 बैच को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया।
कहा कि मामले में कार्रवाई की जाए और उनको भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इस मौके पर मसरूर अहमद, दिनेश कुमार, देवेंद्र कुमार, अमित ठाकुर, वंदना कठारिया, भानुप्रिया,नीतू कुमारी, निधि, मनिनंदर, गुरप्रीत, अमरीन खां आदि रहे।