रामपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से बंद चल रहे कॉलेजों में अब रौनक लौटेगी। करीब आठ माह बाद कॉलेजों में फिर से कक्षाओं का संचालन हो सकेगा। हालांकि, शुरुआत में सिर्फ 50 फीसदी छात्र-छात्राओं की ही उपस्थिति रहेगी। इसमें भी कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा।
कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से स्कूल, कॉलेज आदि बंद चल रहे थे। 21 मार्च से शिक्षण कार्य बंद था। हालांकि, संक्रमण का दायरा कम होने के बाद कुछ शर्तों के साथ विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं कराने और दफ्तर के कामकाज को मंजूरी दी थी, जिसके बाद से ही कॉलेज खुलने लगे थे, लेकिन कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालयों की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रहीं थीं। ऐसे में अब 23 नवंबर कॉलेजों को फिर पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। इस बाबत शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत शुरुआत में कॉलेजों को 50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के साथ ही खोला जाएगा। साथ ही कॉलेज में सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्केनिंग, सैनिटाइजेशन आदि के इंतजाम करने होंगे। ताकि, छात्र-छात्राओं और कॉलेज की स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कॉलेज तो खुल ही रहा था, लेकिन फिजिकल तरीके से कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा था, लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हो रहीं थीं। अब सरकार ने भी कॉलेजों में कक्षाओं के संचालन की अनुमति दे दी है। लिहाजा, सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। कॉलेज में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्केनिंग आदि के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।
- डॉ. पीके वार्ष्णेय, प्राचार्य, राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामपुर
कॉलेजों का काम तो चल ही रहा था, लेकिन अब कक्षाओं को भी संचालित किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से जो भी आदेश जारी किए गए हैं उसी का पालन करते हुए कक्षाएं संचालित होंगी। कॉलेज में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्केनिंग आदि किया जाएगा। कोविड-19 से सुरक्षा के लिए जो भी बताया जाएगा उसका सख्ती से पालन किया जाएगा।
- डॉ. अतुल, प्राचार्य, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामपुर