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Rampur News: रखरखाव के अभाव में बदहाल पड़े शहर के पार्क

Sat, 20 Jun 2026 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। शहर में लोग गर्मी के मौसम में सुकून के पल बिताने के लिए बेहतर पार्क नहीं पा रहे हैं। नगर पालिका के 80 से अधिक पार्कों और गली-मोहल्लों के छोटे पार्कों में झाड़ियां उगी हैं, गंदगी फैली है, इंटरलॉकिंग टूटी पड़ी है, पेड़-पौधों पर धूल जमी है और झूले क्षतिग्रस्त हैं। अधिकांश पार्क खंडहर जैसे हो चुके हैं।
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नगर पालिका में 80 माली दर्ज हैं, लेकिन इनमें से केवल 20 ही पार्कों में काम करते नजर आते हैं। बाकी या तो आते ही नहीं हैं या कागजों तक सीमित हैं। आरोप है कि काम न करने के बावजूद सभी को मानदेय मिल रहा है। पालिका ने पार्क तो बनवा दिए, लेकिन उनके रखरखाव की अनदेखी की गई। पार्कों की सफाई और देखभाल के लिए कोई जिम्मेदार प्रभारी नहीं है।
महात्मा गांधी मेमोरियल पार्क, जिसका निर्माण 30 दिसंबर 2006 को हुआ था, झाड़ियों से घिरा है और यहां स्मैकियों का डेरा रहता है। 16 सितंबर 2006 को बने कर्नल हबीबुर्रहमान पार्क की स्थिति भी खराब है। यहां लगा घंटाघर, जो कभी शहर को समय बताता था, अब उपेक्षा का शिकार है।
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राम मनोहर लोहिया पार्क में झूले क्षतिग्रस्त हैं, टहलने के रास्ते खराब हो चुके हैं, इंटरलॉकिंग टूटी पड़ी है और घास उग आई है। ज्वाला नगर, राधा सड़क, आदर्श कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, नूर महल और तिलक नगर के पार्कों की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है।
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हमारे इलाके का पार्क काफी जर्जर हो चुका है। यहां सिर्फ एक छायादार पेड़ है, जहां लोग बैठते हैं। बाकी जगह लंबी झाड़ियां उगी हैं। यहां से गुजरने में भी डर लगता है कि कहीं सांप न हो। -बाबू खां
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मोहल्ले का पार्क अब खंडहर बन चुका है। लंबी घास उगी है और झूले टूट चुके हैं। यहां दो पल सुकून से नहीं बैठ सकते। रात में स्मैकिये भी आ जाते हैं। -मुन्ना
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शाम के समय पार्क में घूमने का मन करता है, लेकिन शहर में ऐसा कोई पार्क नहीं बचा जहां आराम से टहला जा सके। मोहल्लों के पार्क सफेद हाथी बन गए हैं। मजबूरी में लोग झील का रुख करते हैं। -मो. हनीफ
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रामपुर में सिर्फ झील की स्थिति ठीक है। वहीं लोग घूमने जाते हैं। मोहल्ले के पार्क बदहाल पड़े हैं। नए पार्कों का भी यही हाल होने की आशंका है। -आरिश

पार्कों की स्थिति सुधारने का प्रयास किया जाएगा। उन्हें चिह्नित कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसके अलावा नए पार्क भी बनाए जा रहे हैं। शहर के सौंदर्यीकरण का कार्य भी चल रहा है। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, रामपुर
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