रामपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर की रामपुर से तमाम यादें जुड़ी हुई हैं। गांधी जी दो बार रामपुर आए थे, जबकि मौलाना जौहर यहीं के सपूत थे। अब इनसे जुड़ी स्मृतियों को संजोने का बीड़ा जिला प्रशासन ने उठाया है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है।
किला परिसर के एक विशाल भवन में रिसायत के विलय के बाद मॉडल स्कूल स्थापित किया गया था, जिसे बाद में सिटी मांटेसरी स्कूल के रूप मे जाना जाने लगा। यहां किले के आर्किटेक्ट सीडब्लू राइट की प्रतिमा भी लगी हुई थी। सपा शासनकाल में स्कूल बंद कर दिया गया। तब इसे जौहर ट्रस्ट के अधीन लाकर निजी स्कूल खोले जाने की योजना थी। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद जौहर ट्रस्ट की योजना अधर में लटक गई। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बदहाल हो चुके इस भवन की ओर से ध्यान दिया है। कई माह से वहां जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। अब इस भवन गांधी संग्राहलय के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिसकी देखरेख रामपुर की रजा लाईब्रेरी के जिम्मे होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में गांधी जी और मौलाना जौहर से जुड़ी यादों एवं वस्तुओं को संग्रहित करने का प्रयास किया जाएगा। पर्यटन के लिहाज से भी यह काफी अहम होगा।