फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: महिला सिपाही हत्याकांड में छह आरोपियों पर चार्जशीट

Wed, 06 May 2026 02:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। चर्चित महिला सिपाही लता हत्याकांड में गंज पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए आरोपी पति दान सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ मामले की तफ्तीश पूरी कर ली है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।
विज्ञापन

शुरुआत में सड़क हादसा समझे गए इस मामले ने जांच के दौरान हत्या की सनसनीखेज साजिश का रूप ले लिया था। अब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
यह मामला गंज थाना क्षेत्र के काशीपुर गांव से जुड़ा है, जहां नैनीताल से लौटते समय एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिर गई थी। कार में सवार श्रावस्ती में तैनात महिला सिपाही लता और उसके तीन वर्षीय बेटे लड्डू की जलकर मौत हो गई थी। उस समय घटना को सामान्य दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों और पुलिस जांच ने पूरे मामले को हत्या की सुनियोजित साजिश साबित कर दिया।
विज्ञापन


पति समेत छह लोगों को बनाया गया आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला सिपाही लता की हत्या किसी हादसे का परिणाम नहीं थी, बल्कि पहले से रची गई योजना के तहत उसे मौत के घाट उतारा गया। जांच के बाद पुलिस ने मिलक थाना क्षेत्र के बेरहटा गांव निवासी उसके पति दान सिंह समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इन सभी के खिलाफ हत्या, साजिश और साक्ष्य मिटाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस बहुचर्चित प्रकरण में साक्ष्यों, गवाहों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
-
तकनीकी साक्ष्य बने पुलिस की ताकत
पुलिस ने विवेचना के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच को आधार बनाया। यही साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ सबसे मजबूत कड़ी बने। कार में लगी आग को लेकर भी विशेषज्ञों से राय ली गई। यह जांच की गई कि आग हादसे में लगी या जानबूझकर लगाई गई। रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदु मिले, जिन्होंने हत्या की आशंका को मजबूत किया।
00000000000000000000000000
0000000000000000000000000
मौत के बाद मिलने वाली तीन करोड़ की राशि बनी वजह



पुलिस विवेचना में यह भी सामने आया कि लता और उसके पति के बीच विवाद चल रहा था। दोनों के संबंधों में तनाव था। महिला सिपाही नौकरी पर तैनात रहती थी। इसी तनाव के चलते आरोपी पति ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। नैनीताल घूमने जाने का बहाना बनाया गया और लौटते समय वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना था कि महिला सिपाही का पति पत्नी को मारकर बीमा क्लेम समेत अन्य मदों से मिलने वाली करीब तीन करोड़ रुपये की राशि को हड़पना चाहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें