पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले में शनिवार को सुनवाई हुई। उनके अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सात फरवरी की तारीख तय कर दी। सुनवाई के दौरान हरदोई जेल से पूर्व विधायक वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट रखने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अभियोजन की ओर से गवाही पूरी हो चुकी है।
अब अब्दुल्ला आजम की ओर से साक्ष्य पेश करने के लिए 29 गवाहों की सूची सौंपी गई है। शनिवार को इस मामले में गवाह को पेश होना था, लेकिन कोई गवाह नहीं आया। अब्दुल्ला के अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए सात फरवरी की तारीख निर्धारित कर दी।
शत्रु संपत्ति को जौहर यूनिवर्सिटी में मिलाने का है आरोप
शत्रु संपत्ति कब्जा कर उसे जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने के मामले में सपा नेता आजम खां पर शनिवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। अब इस मामले की सुनवाई आठ फरवरी को होगी। सपा नेता आजम खां के खिलाफ वर्ष 2019 में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें शत्रु संपत्ति कब्जाने का भी मामला है, जो अजीम नगर थाने में दर्ज हुआ था।
इसमें शत्रु संपत्ति को जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल करने का आरोप है। जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन जौहर ट्रस्ट करता है। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जौहर ट्रस्ट के चेयरमैन आजम खां समेत अन्य सदस्यों को नामजद किया था।
पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में आजम खां के साथ ही उनके बड़े बेटे अदीब आजम, छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम, डाॅ. तजीन फात्मा, चमरौआ से विधायक नसीर अहमद खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन सलीम कासिम, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, निकहत अफलाक, यहूदा मान सिद्दीकी समेत 15 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे।
इस मामले की सुनवाई एमपी-एएमएल स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। हालांकि, आजम समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।