रामपुर। अब सीबीएसई परीक्षाओं में वही छात्र आगे रहेंगे जो रटने की बजाय समझकर पढ़ाई करेंगे। सीबीएसई ने पाठयक्रम में योग्यता आधारित प्रश्न बढ़ा दिए गए हैं। सीबीएसई की ओर से सत्र 2021-22 की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र का प्रारूप आ गया है। सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है इसी प्रारूप के आधार पर छात्र-छात्राओं की तैयारी कराएं। ताकि, समय से छात्र परीक्षा के लिए खुद को तैयार कर सकें। छात्रों की समझ को देखने के लिए केस स्टडी सवाल अहम भूमिका अदा करते हैं। क्योंकि केस स्टडी पर आधारित सवालों को रटने से हल नहीं किया जा सकता है।
सत्र 2022-23 में कक्षा नौ से 12 की परीक्षाओं में छात्रों का मूल्यांकन छात्र की समझ, योग्यता आधारित शिक्षा पर केंद्रित होगा। नए सत्र की परीक्षाओं में योग्यता आधारित सवालों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ाई जाएगी। 2021-22 की परीक्षाओं में 50 वैकल्पिक प्रश्न पूछे गए थे। जिन्हें घटाकर आगामी परीक्षाओं में 20 कर दिया गया है। कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं के साथ कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षाएं भी इसी प्रारूप पर होंगी। आंतरिक मूल्यांकन में बदलाव नहीं किया गया।
इस सत्र से बोर्ड परीक्षा दो टर्म में नहीं होगी। बोर्ड परीक्षा एक ही टर्म में सत्र के अंत में वार्षिक परीक्षा के रूप में आयोजित की जाएगी। नौवीं और 11वीं में भी इसी बदले हुए पैटर्न पर परीक्षा ली जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत किए गए ये बदलाव मौजूदा सत्र से ही लागू होंगे। इसके तहत एक प्रश्नपत्र तीन घंटे का होगा।