मसवासी(रामपुर)। क्षेत्र अंतर्गत पट्टीकलां स्थित बॉटलिंग गैस प्लांट के पास रास्ते में मंगलवार को राजस्थान के अलवर थाना क्षेत्र के बिधना जाट निवासी गैस कैप्सूल चालक नरेश कुमार (45) का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त होने के बाद परिजनों को सूचना देने के बाद जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के अलवर थाना क्षेत्र के बिधना जाट निवासी नरेश कुमार (45) गैस कैप्सूल चलाते थे। 29 जुलाई को बिलिंग गैस प्लांट बांधना लोनी जनपद गाजियाबाद से गैस से भरा कैप्सूल लेकर स्वार कोतवाली क्षेत्र के पट्टीकलां गांव स्थित गैस बॉटलिंग प्लांट आये थे। 29 जुलाई को बॉटलिंग गैस प्लांट पट्टीकलां में कैप्सूल खाली करने के बाद उन्होंने खाली कैप्सूल को प्लांट के नजदीक रास्ते पर साइड से खड़ा कर दिया था। सोमवार की देर शाम साथी चालकों के साथ वह खाना खाने के लिए स्थानीय ढाबे पर गए थे। उसके बाद मंगलवार कि सुबह नरेश कुमार का शव गैस के प्लांट की दीवार के बराबर से गुजर रहे रास्ते के किनारे कैप्सूल के पास ही पड़ा मिला। सुबह लगभग पांच बजे उधर से गुजर रहे राहगीरों ने शव देखा तो वह ठिठक गए। शव मिलने की सूचना से आसपास लोगों की भीड़ लग गई। जानकारी मिलने पर मसवासी पुलिस मौके पर पहुंची गई।
आधार कार्ड से हुई शव की शिनाख्त
पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर मृतक की शिनाख्त की और मोबाइल के माध्यम से मृतक के परिजन से संपर्क साध कर शव मिलने की जनकारी दे दी है। सूचना मिलने मिलते ही परिजन शव लेने के लिए रामपुर रवाना हो गए।
हत्या है या स्वाभाविक मौत, होती रही चर्चा
नरेश कुमार की मौत को लेकर लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। किसी का मानना है कि मौत स्वाभाविक है, क्योंकि मृतक के शरीर पर कोई चोट का निशान नही है। दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि उसकी हत्या की गई है। शव कैप्सूल के पास ही बॉटलिंग प्लांट की दीवार के पास से गुजर रहे रास्ते पर पड़ा पाया गया। लोगों में यह भी चर्चा रही कि गैस कैप्सूल चालक के साथ कोई हेल्पर भी रहा होगा, अगर वह था तो कहां चला गया। चौकी इंचार्ज अजय शर्मा का कहना है कि मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। जिससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण पता चलेगा। उसके बाद घटना के सभी पहलुओं की गहनता के साथ जांच की जाएगी।